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हड़प्पा सभ्यता के स्थल एवं उनसे प्राप्त वास्तुकला एवं मूर्तिकला के उदाहरण | Harappan architecture and sculpture

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ईसा पूर्व तीसरी सहस्त्राब्दि के द्वितीय अर्ध्दांश में भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में एक विशाल सभ्यता का प्रादुर्भाव हुआ। इसे हड़प्पा या सिंधु सभ्यता के नाम से जाना जाता है। आगे चलकर यह सभ्यता भारत के उत्तरी तथा उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में फैल गई। जीवंत कल्पना और कलात्मक रचनात्मकता इस सभ्यता की प्रमुख विशेषता है। हड़प्पा सभ्यता के स्थलों के उत्खनन से प्राप्त मुहरों, मूर्तियाँ, मृद्भाण्ड और आभूषण से तत्कालीन समय की कला की स्पष्ट जानकारी मिलती है। हड़प्पा सभ्यता के दो प्रमुख स्थल हड़प्पा और मोहनजोदड़ो शहरी नियोजन के प्रारंभिक उदाहरण हैं। सड़कों का सुनियोजित संगठन (नेटवर्क) और जल निकास प्रणाली तत्कालीन समय की वास्तुकला, अभियांत्रिकी कौशल और विकसित नियोजन के सुस्पष्ट उदाहरण हैं।

In the second half of the third millennium BC, a huge civilization emerged in the north-western region of India. It is known as Harappan or Indus Civilization. Later this civilization spread to the northern and north-western region of India. Vibrant imagination and artistic creativity are the main features of this civilization. The seals, sculptures, pottery and ornaments obtained from the excavations of the sites of Harappan civilization give clear information about the art of the time. The two major sites of the Harappan Civilization Harappa and Mohenjodaro are the earliest examples of urban planning. The well-planned network of roads and drainage systems are clear examples of the contemporary architecture, engineering skills and advanced planning.

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हड़प्पा के महत्वपूर्ण स्थल एवं उनकी प्राप्तियाँ निम्नलिखित है-
1. हड़प्पा- यह वर्तमान पाकिस्तान में रावी नदी के तट पर स्थित है। यहाँ से विशाल चबूतरों पर छः अन्नागारों की दो कतारें, मातृदेवी की मूर्ति, लकड़ी की ओखली पर गेहूँ और जौ, पाँसा, ताम्र तुला, कांस्य की हिरण का पीछा करते हुए कुत्ते की मूर्ति, दर्पण और लाल बलुआ पत्थर से बना पुरुष धड़ आदि प्राप्त हुए हैं।

The important sites of Harappa and their findings are as follows-
1. Harappa- It is situated on the banks of Ravi river in present day Pakistan. From here two rows of six granaries on huge platforms, the idol of Mother Goddess, wheat and barley on a wooden plank, dice, copper bent, bronze statue of a dog chasing a deer, mirrors and a male torso made of red sandstone etc.

2. मोहनजोदड़ो- यह वर्तमान पाकिस्तान के सिंधु नदी के तट पर स्थित है। यहाँ से किले, वृहद् स्नानागार, शवाधान, दाढ़ी वाले पुजारी, नर्तकी की काँस्य मूर्ति और पशुपति मुहर आदि प्राप्त हुए हैं।

2. Mohenjodaro- It is situated on the banks of Indus River in present day Pakistan. Forts, large baths, crematoriums, bearded priests, bronze dancers and Pashupati seals have been found here.

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3. धौलावीरा- यह वर्तमान गुजरात में स्थित है। यहाँ से विस्तृत जलकुंड, अद्वितीय जल दोहन प्रणाली, स्टेडियम, बाँध, तटबंध और विज्ञापन की भाँति दश बड़े संकेत अक्षरों वाला अभिलेख प्राप्त हुए हैं। यह नवीनतम खोजा गया IVC शहर है।

3. Dholavira- It is situated in present day Gujarat. From here, inscriptions with ten big symbols like elaborate watercourses, unique water harvesting systems, stadiums, dams, embankments and advertisements have been received. This is the latest searched IVC city.

4. राखीगढ़ी- यह वर्तमान हरियाणा में स्थित है। यह हड़प्पा सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल था। इसे सभ्यता के प्रांतीय राजधानी कहा जाता है। यहां से अन्नागार, कब्रिस्तान, नालियाँ और टेराकोटा की ईटें प्राप्त हुई हैं।

4. Rakhigarhi- It is situated in present day Haryana. It was the largest site of the Harappan Civilization. It is called the provincial capital of civilization. From here granaries, graveyards, drains and terracotta bricks have been found.

5. लोथल- यह वर्तमान गुजरात में स्थित है। तत्कालीन समय में यह समुद्री व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र और गोदीवाड़ा (जहाज बनाने का स्थल) था। इसके अतिरिक्त यहाँ से धान की भूसी, अग्नि वेदिकाएँ, चित्रित मृद्भाण्ड, आधुनिक शतरंज, घोड़े और जहाज की टेराकोटा की आकृतियाँ और 45°, 90° और 180° कोण बनाने के उपकरण प्राप्त हुए हैं। इसे सिंधु घाटी सभ्यता का मैनचेस्टर कहा जाता है।

5. Lothal- It is situated in present day Gujarat. At that time it was an important center of maritime trade and Godivada (ship building). Apart from this, rice husks, fire altars, painted pottery, modern chess, terracotta figures of horse and ship and tools for making 45°, 90° and 180° angles have been found here. It is called Manchester of the Indus Valley Civilization.

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6. रोपड़- यह वर्तमान पंजाब में सतलुज नदी के तट पर स्थित है। यहाँ से अंडाकार गड्ढे में मानव शव के साथ कुत्ता और तांबे की कुल्हाड़ी प्राप्त हुए हैं। स्वतंत्रता के बाद खोजी गई यह पहली साइट है।

6. Ropar- It is situated on the banks of Satluj River in present day Punjab. A dog and a copper ax have been found along with the human carcass in the oval pit from here. This is the first site discovered after independence.

7. बालाथल और कालीबंगा- यह वर्तमान राजिस्थान के स्थल हैं। यहाँ पर चूड़ी का कारखाना, खिलौने, ऊँट की हड्डी, अलंकृत ईटें, गढ़ी (दुर्ग), निचला नगर और अग्नि वेदिकाएँ प्राप्त हुए हैं।

7. Balathal and Kalibanga- These are the sites of present day Rajasthan. Here bangle factories, toys, camel bones, ornate bricks, garhi (fort), lower town and fire altars have been found.

8. बनावली- यह वर्तमान हरियाणा में स्थित है। यहाँ से खिलौना हल, जौ, लाजवर्द, अग्नि वेदियाँ, अंडाकार आकार की बस्तियाँ प्राप्त हुए हैं। यह अरीय गलियों वाला एकमात्र नगर है। यह सूखी हुई सरस्वती नदी के तट पर स्थित है।

8. Banawali- It is situated in present day Haryana. From here toy plows, barley, lajavard, fire altars, oval shaped settlements have been found. It is the only town with Aria streets. It is situated on the banks of dried up Saraswati River.

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9. सुरकोटदा- यह वर्तमान गुजरात में स्थित है। यहाँ से घोड़े की हड्डियों के प्रथम वास्तविक अवशेष प्राप्त हुए हैं।

9. Surkotada- It is situated in present day Gujarat. From here the first real remains of horse bones have been found.

10. आलमगीरपुर- यह यमुना नदी के तट पर वर्तमान उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित है। यहाँ से तांबे के टूटे हुए फलक, मिट्टी की बनी वस्तुएँ और नांद पर कपड़े की छाप प्राप्त हुए हैं। यह सिंधु सभ्यता का सबसे पूर्वी स्थल है।

10. Alamgirpur- It is situated on the banks of river Yamuna in present-day Meerut in Uttar Pradesh. From here broken copper plates, earthen objects and cloth impressions have been found on the Nand. It is the easternmost site of the Indus Civilization.

11. चन्हूदड़ो- यह वर्तमान पाकिस्तान में स्थित है। यह भारत का लंकाशायर कहा जाता है। बिना गढ़ (दुर्ग) वाला यह अकेला सिंधु नगर है। यहाँ से मनके का कारखाना लिपिस्टिक के उपयोग के प्रमाण प्राप्त हुए हैं।

11. Chanhudaro- It is located in present day Pakistan. It is called Lancashire of India. This is the only Indus city without a citadel (fort). Evidence of the use of bead factory lipsticks has been obtained from here.

12. मेहरगढ़- इसे सिंधु घाटी सभ्यता का अग्रदूत माना जाता है। यहाँ से मिट्टी के बर्तन और तांबे के औजार प्राप्त हुए हैं। यह पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित है।

12. Mehrgarh- It is considered as the forerunner of the Indus Valley Civilization. Pottery and copper tools have been found from here. It is located in Balochistan, Pakistan.

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13. सुत्कागेंडोर- यह IVC का सबसे पश्चिमी स्थल है। यह वर्तमान पाकिस्तान में स्थित है। यहाँ से मिट्टी की चूड़ियाँ प्राप्त हुई हैं।

13. Sutkagendor- This is the westernmost site of the IVC. It is located in present day Pakistan. Clay bangles have been received from here.

14. कोटदीजी- यह वर्तमान पाकिस्तान में स्थित है। यहाँ से टार, बैल और माँ देवी की मूर्तियाँ प्राप्त हुई हैं।

14. Kotdiji- It is located in present day Pakistan. The idols of tar, bull and mother goddess have been recovered from here.

15. दाइमाबाद- यह IVC का सबसे दक्षिणी स्थल है। यह वर्तमान महाराष्ट्र में स्थित है। यहाँ से कांस्य मूर्तियाँ प्राप्त हुई हैं। कांस्य रथ सहित कांस्य मूर्तियाँ मिली हैं।

15. Daimabad- This is the southernmost point of the IVC. It is located in present day Maharashtra. Bronze idols have been obtained from here. Bronze statues including bronze chariots have been found.

16. बालू- यह वर्तमान हरियाणा में स्थित है। यहाँ से पौधों के अवशेष प्राप्त हुए हैं। लहसुन के प्रारंभिक साक्ष्य यहीं से प्राप्त हुए हैं।

16. Baalu- It is situated in present day Haryana. The remains of plants have been found from here. This is where the earliest evidence of garlic has been obtained.

17. कोटबाला- यह वर्तमान पाकिस्तान में स्थित है। यह भट्टी का प्राचीनतम उदाहरण है।

17. Kotbala- It is located in present day Pakistan. This is the earliest example of a furnace.

18. केरल-नो-धोरो- यह वर्तमान गुजरात में स्थित है। यह IVC के दौरान नमक उत्पादन का केंद्र है।

18. Kerala-no-dhoro- It is located in present-day Gujarat. It is the center of salt production during IVC.

19. मांड- यह वर्तमान जम्मू-कश्मीर में स्थित है। यह IVC का सबसे उत्तरी नगर है।

19. Mand- It is located in present-day Jammu and Kashmir. It is the northernmost town of IVC.

20. अन्य नगर- IVC के अन्य प्रमुख स्थल- देसलपुर (गुजरात), पाबूमठ (गुजरात), रंगपुर (गुजरात), शिकारपुर (गुजरात), सनौली (उत्तर प्रदेश), कुणाल (हरियाणा), करनपुरा (राजस्थान) और गनेरीवाला (पंजाब) आदि।

20. Other cities- Other major sites of IVC are- Desalpur (Gujarat), Pabumath (Gujarat), Rangpur (Gujarat), Shikarpur (Gujarat), Sanauli (Uttar Pradesh), Kunal (Haryana), Karanpura (Rajasthan) and Ganeriwala (Punjab) etc.

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धन्यवाद
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R F Temre
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