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स्वातंत्र्योत्तर वास्तुकला― लॉरी बेकर और चार्ल्स कोरिया | Post-Independence Architecture― Laurie Baker and Charles Correa

1939

स्वातंत्रयोत्तर वास्तुकला- लॉरी बेकर और चार्ल्स कोरिया ने स्वातंत्रयोत्तर वास्तुकला में सराहनीय योगदान दिया। सन् 1947 ई. के बाद वास्तुकला की दो शैलियाँ विकसित हुईं-
1. पुनरुत्थानवादी
2. आधुनिकतावादी

Post-Independence Architecture- Laurie Baker and Charles Correa made commendable contributions to post-independence architecture. After 1947 AD, two styles of architecture developed-
1. Resurrectionist
2. Modernist

"भारतीय कला एवं संस्कृति" के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें। (Also read these 👇 episodes of "Indian Art and Culture".)
1. गुप्त कालीन वास्तुकला- गुफाएँ, चित्रकारी, स्तूप और मूर्तियाँ | Gupta Architecture- Caves, Paintings, Stupas And Sculptures
2. गुप्त काल में मंदिर वास्तुकला के विकास के चरण | Stages Of Development Of Temple Architecture In The Gupta Period
3. प्राचीन भारत में मंदिर वास्तुकला की प्रमुख शैलियाँ | Major Styles Of Temple Architecture In Ancient India
4. उत्तर भारत की वास्तुकला की नागर शैली- ओडिशा, खजुराहो और सोलंकी शैली | Architecture Of North India
5. दक्षिण भारत की वास्तुकला- महाबलीपुरम की वास्तुकला | Architecture Of South India- Architecture Of Mahabalipuram

ये दोनों ही शैलियाँ औपनिवेशिक उत्तरजीविता से प्रभावित थीं। इस कारण भारतीय स्थापत्य परंपराओं के स्तर में गिरावट आई। उदाहरण के लिए पंजाब सरकार ने इस अवधि में चंडीगढ़ का नगर डिजाइन करवाने के लिए फ्रांस के वास्तुकार ली कार्बुजियर की सहायता ली।

Both these styles were influenced by colonial survival. This led to a decline in the standard of Indian architectural traditions. For example, the Punjab government took the help of French architect Le Corbusier to design the city of Chandigarh during this period.

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1. दक्षिण भारत की द्रविड़ शैली एवं चोल वास्तुकला व मूर्तिकला (नटराज की मूर्ति) | Dravidian Style And Chola Architecture And Sculpture Of South India (Statue Of Nataraja)
2. दक्षिण भारत की वास्तुकला- नायक, वेसर, विजयनगर (बादामी गुफा मंदिर) और होयसाल शैली | Architecture Of South India
3. बंगाल की वास्तुकला- पाल एवं सेन शैली | Architecture Of Bengal- Pala And Sen Style
4. प्राचीन भारत के प्रमुख विश्वविद्यालय- तक्षशिला, नालंदा, कांचीपुरम | Taxila, Nalanda, Kanchipuram Universities
5. भगवान शिव को समर्पित भारत के 12 ज्योतिर्लिंग | 12 Jyotirlingas Of India Dedicated To Lord Shiva

लॉरी बेकर- लॉरी बेकर को 'गरीबों का वास्तुकार' के नाम से जाना जाता है। श्री बेकर केरल में क्रांतिकारी सामूहिक आवास की अवधारणा के उत्तरदायी थे। सन् 2006 ई. में उन्हें प्रित्जकर पुरस्कार के लिए नामित किया गया। प्रित्जकर पुरुस्कार को वास्तुकला का नोबल पुरस्कार कहा जाता है।

Laurie Baker- Laurie Baker is known as 'Architect of the Poor'. Mr. Baker was responsible for the revolutionary group housing concept in Kerala. In 2006 AD, he was nominated for Pritzker Prize. The Pritzker Prize is called the Nobel Prize in Architecture.

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1. भगवान शिव और विष्णु को समर्पित भारत के हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण मंदिर– Part-1 | List Of Important Hindu Temples In India
2. पार्ट- 2. भगवान शिव और विष्णु को समर्पित भारत के हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण मंदिर | List Of Important Hindu Temples In India
3. भारत से बाहर विदेशों में स्थित प्रमुख मंदिर | Major Temples Located Abroad Outside India
4. भारतवर्ष के महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थस्थल | Important Buddhist Pilgrimage Sites Of India
5. भारत के महत्वपूर्ण जैन तीर्थस्थल | Important Jain Pilgrimage Sites In India

श्री बेकर की स्थापत्य वास्तुकला शैली की कुछ विशेषताएँ इस प्रकार हैं-
1. स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री का उपयोग करके पर्यावरण अनुकूल भवनों का निर्माण करना।
2. इस्पात और सीमेंट की खपत कम करने के लिए पूरक स्लैब निर्माण की अवधारणा प्रचलित की।
3. उन्होंने हवा के आवागमन और गर्मी में के दिनों के लिए आरामदायक व्यवस्था पर बल दिया।
4. श्री बेकर को भारतीय वास्तुकला का अंतरात्मा संरक्षक एवं भारतीय वास्तुकला का गाँधी कहा जाता है।

Some characteristics of Mr. Baker's architectural style are as follows-
1. To construct eco-friendly buildings using locally available materials.
2. Introduced the concept of complementary slab construction to reduce the consumption of steel and cement.
3. He emphasized on air movement and comfortable arrangements for hot days.
4. Mr. Baker is called the conscience patron of Indian architecture and Gandhi of Indian architecture.

"भारतीय कला एवं संस्कृति" के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें। (Also read these 👇 episodes of "Indian Art and Culture".)
1. मध्यकालीन भारत में वास्तुकला- इंडो इस्लामिक (भारतीय-अरबी) शैली | Architecture In Medieval India- Indo Islamic Style
2. दिल्ली सल्तनत काल के दौरान वास्तुकला- साम्राज्यिक शैली | Architecture During The Delhi Sultanate Period- Imperial Style
3. भारतीय कला- बंगाल शैली, जौनपुर शैली, मालवा शैली और बीजापुर शैली | Bengal Style, Jaunpur Style, Malwa Style And Bijapur Style
4. मुगल वास्तुकला- बाबर, हुमायूँ और शेरशाह सूरी | Mughal Architecture- Babur, Humayun And Sher Shah Suri
5. मुगल सम्राट अकबर द्वारा निर्मित करवाये गये महत्वपूर्ण वास्तुशिल्प | Important Architectures Built By The Mughal Emperor Akbar

चार्ल्स कोरिया- इन्हें अपनी शहरी वास्तुकला और स्थानिक योजना के लिए किये गये कार्यों के लिए जाना जाता है। उन्होंने आधुनिक वास्तुशिल्प सिद्धांतों को स्थानीय संवेदनाओं एवं आवश्यकताओं के लिए अपनाया। उन्होंने मध्यप्रदेश विधानसभा भवन, अहमदाबाद में महात्मा गाँधी मेमोरियल संग्रहालय और नई दिल्ली में कँनाट प्लेस में एलआईसी भवन को डिजाइन किया। उन्हें सन् 2006 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

Charles Correa- He is best known for his urban architecture and spatial planning. He adapted modern architectural principles to local sensibilities and needs. He designed the Madhya Pradesh Legislative Assembly building, the Mahatma Gandhi Memorial Museum in Ahmedabad and the LIC building at Connaught Place in New Delhi. He was awarded the Padma Vibhushan in 2006.

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1. कश्मीर की वास्तुकला एवं इसकी विशेषताएँ | Kashmir's Architecture And Its Characteristics
2. हिन्दु शासकों द्वारा विकसित कश्मीरी वास्तुकला | Kashmiri Architecture Developed By Hindu Rulers
3. इस्लामी शासन के अंतर्गत कश्मीरी वास्तुकला का विकास | Development Of Kashmiri Architecture Under Islamic Rule
4. भारतवर्ष में पारसी समुदाय के महत्वपूर्ण मंदिर | Important Temples Of Parsi Community In India
5. भारतवर्ष के महत्वपूर्ण सूर्य मंदिर एवं उनकी विशेषताएँ | Important Sun Temples Of India And Their Features

निष्कर्ष- इस प्रकार हम देखते हैं कि पूर्व ऐतिहासिक काल से ही कला और स्थापत्य कला को भारत के लोगों के जीवन और अवकाश में अभिव्यक्ति प्राप्त हुई। यूनानी, अरब, फारसी और यूरोपियाई सभी ने वास्तुकला के क्षेत्र में वर्तमान परंपराओं में अपना योगदान दिया। इससे एक मिश्रित भारतीय वास्तुकला शैली का उद्भव हुआ।

Conclusion- Thus we see that art and architecture found expression in the life and leisure of the people of India since pre-historic times. Greeks, Arabs, Persians and Europeans all contributed to the current traditions in the field of architecture. This gave rise to a mixed Indian architectural style.

"भारतीय कला एवं संस्कृति" के इन 👇 प्रकरणों को भी पढ़ें। (Also read these 👇 episodes of "Indian Art and Culture".)
1. भारतवर्ष में आधुनिक वास्तुकला― पुर्तगाली प्रभाव और फ्रांसीसी प्रभाव | Modern Architecture In India― Portuguese Influence And French Influence
2. इंडो-गॉथिक शैली और नव रोमन शैली | Indo-Gothic Style And Neo Roman Style
3. हड़प्पा सभ्यता से प्राप्त मृद्भाण्ड एवं आभूषण | Pottery And Jewelery From Harappan Civilization
4. मुगल वास्तुकला― जहाँगीर, शाहजहाँ (ताजमहल), औरंगजेब | Mughal Architecture― Jahangir, Shah Jahan (Taj Mahal), Aurangzeb
5. वास्तुकला की राजपूत शैली व शिख शैली तथा अवध वास्तुकला | Rajput Style And Sikh Style Of Architecture And Awadh Architecture

आशा है, उपरोक्त जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी।
धन्यवाद।
R F Temre
rfcompetition.com



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